मंत्री मदन दिलावर ने दावा किया है कि अजमेर दरगाह की खुदाई से मंदिर के अवशेष मिल सकते हैं। हिंदू सेना प्रमुख विष्णु गुप्ता ने दरगाह के नीचे शिव मंदिर होने का दावा करते हुए अदालत में याचिका दाखिल की है, जिसे अजमेर सिविल कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है अजमेर में स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह मामले में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। मंत्री का दावा है कि अगर न्यायालय के निर्णय के बाद अगर अजमेर दरगाह की खुदाई होती है तो वहां मंदिर के अवशेष मिलने की पूरी संभावना है। शनिवार को बीजेपी मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए दिलावर ने कहा कि देश में अधिकतर मंदिरों को तोड़कर मस्जिदें बना दी गई। अब तक कई मस्जिदों के नीचे मंदिर होने के प्रमाण मिले हैं। इसे देखते हुए पूरी संभावना है कि अजमेर दरगाह के नीचे भी मंदिर होने के अवशेष मिल सकते हैं। तीन महीने पहले हिंदू सेना प्रमुख विष्णु गुप्ता ने यह दावा करते हुए कोर्ट में एक याचिका दाखिल की कि अजमेर दरगाह के नीचे शिव मंदिर है। उन्होंने अपनी ओर से तीन प्रमाण पेश करते हुए याचिका लगाई। गुप्ता की इस याचिका को अजमेर सिविल कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। विष्णु गुप्ता ने कहा है कि 2 साल की रिसर्च और रिटायर्ड जज हरबिलास शारदा की किताब में दिए गए तथ्यों के आधार पर याचिका दायर की है। किताब में इसका जिक्र है कि यहां ब्राह्मण दंपति रहते थे और दरगाह स्थल पर बने महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना करते थे। कोर्ट द्वारा याचिका स्वीकार करने के बाद से यह मामला सुर्खियों में आ गया। इस मामले की सुनवाई नवंबर को की गई थीं। अगली सुनवाई जल्द ही की जाएगी। कोर्ट के आदेश अनुसार।










